शहीद टोप्पो पंच तत्व में विलीन 

शहीद टोप्पो पंच तत्व में विलीन 

देवमनी माहतो (संवाददाता) 

मेरे देश तुझको नमन है मेरा 
जीऊं तो जुबां पर नाम हो तेरा 
मरूं तो तिरंगा कफन हो मेरा। 

एक सैनिक की बस यही आरजू होती है। 

ऐसी ही एक घटना असम रायफल में घटी है। जहाँ अपना फर्ज निभाते हुए ड्यूटी के दौरान हृदयघात से एक सैनिक की मृत्यु हो गई। 

आज माँ भारती के उस बीर सपूत शहीद सोमरा टोप्पो को उनके पैतृक आवास में अंतिम विदाई दी गई। असम रायफल में तैनात स्वर्गीय सोमरा टोप्पो की ड्यूटी के दौरान हृदयघात से मौत मृत्यु हो गई। 

आज उनके पार्थिव शरीर को उनके सह कर्मीयो असम रायफल के सूबेदार कुंजा तिरिया और वारंट अधिकारी जीवन तिग्गा द्वारा नागालैंड से कलकत्ता हवाई मार्ग से और कलकत्ता से सुंदरगढ़ जिला में स्थित नुआगाँव प्रखंड़ के बारीलेप्टा पंचायत अंतर्गत आनेवाले पैतृक आवास रेलापोष ग्राम, में आज सुबह के 4.30 बजे लाया गया। जहाँ ससम्मान उनका अंतिम संस्कार किया गया। 
शहीद टोप्पो को राउरकेला सी•आर•पी•एफ• के 19वीं बटालियन, स्थानीय बिसरा थाना से आए पुलिसकर्मी एफरेम तिर्की, गया बारिक अन्य तीन, एवं पार्थिव शरीर को नागालैंड से रेलापोष लेकर आए असम रायफल के जवानो सुवेदार कुंजा तिरिया, और वारंट अधिकारी जीवन तिग्गा द्वारा ससम्मान अंतिम सलामी दी गई।  शहीद के अंतिम दर्शन के लिए गाँव व आसपास के सैकडो ग्रामीण उपस्थित थे।

शहीद सोमरा टोप्पो असम रायफल में वारंट अधिकारी के पद पर तैनात थे। उन्हें एक बार सेवा मेड़ल से सम्मानित किया गया था। ड्युटी के दौरान 55 वर्ष की आयु में हृदयाघात से उनकी मृत्यु हो गई।